देहरादून:
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 30 अप्रैल से विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की खबरों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि उत्तराखंड में भी विशेष सत्र बुलाया जाता है, तो उसका उद्देश्य केवल राजनीतिक निंदा प्रस्ताव या विपक्ष पर आरोप-प्रत्यारोप नहीं होना चाहिए।
गणेश गोदियाल ने कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा सत्र जनता के मुद्दों और महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों के लिए होते हैं, न कि राजनीतिक प्रतिशोध के लिए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया कि प्रस्तावित सत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े अहम विषयों, विशेषकर महिला आरक्षण, को प्राथमिकता दी जाए।
गोदियाल ने कहा कि वर्ष 2023 में संसद द्वारा पारित महिला आरक्षण कानून देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी का संवैधानिक अधिकार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। ऐसे में राज्य सरकार को इसे उत्तराखंड में लागू करने के लिए विधानसभा में ठोस प्रस्ताव लाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारें महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात तो करती हैं, लेकिन ठोस कदम उठाने के समय राजनीतिक मुद्दों में उलझ जाती हैं। गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहां महिलाएं सामाजिक और आर्थिक विकास की धुरी हैं, वहां महिला आरक्षण पर देरी या चुप्पी चिंताजनक है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि प्रस्तावित विशेष सत्र को जनहित और महिला सशक्तिकरण के एजेंडे पर केंद्रित किया जाए तथा महिला आरक्षण कानून को शीघ्र लागू करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जाए।
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