नई दिल्ली। देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दे दी है। सरकार ने इस अवधि के लिए योजना के तहत कुल ₹3.15 लाख करोड़ के वित्तीय आवंटन को मंजूरी दी है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य पात्र किसान परिवारों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र किसानों को निर्धारित वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में DBT के माध्यम से दी जाती है।
सरकार की ओर से योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार ने पीएम-किसान योजना के लाभ को पात्र किसानों तक पहुंचाने के लिए सत्यापन और सैचुरेशन अभियान भी चलाए हैं। कृषि मंत्रालय के अनुसार, 1 जून 2026 से देशभर में सैचुरेशन अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप करीब 17 लाख नए किसान योजना से जुड़े हैं। इनमें बिहार के 58,556 किसान भी शामिल हैं।
सरकार के मुताबिक योजना का लाभ पाने के लिए किसानों का पात्र होना और आवश्यक सत्यापन प्रक्रियाएं पूरी करना जरूरी है। इनमें भूमि संबंधी जानकारी की सीडिंग, आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं।
अगर कोई पात्र किसान अभी तक पीएम-किसान योजना का लाभ नहीं ले रहा है, तो उसे योजना के तहत अपना पंजीकरण और जरूरी सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। किसानों के लिए ई-केवाईसी और बैंक खाते से संबंधित जानकारी को सही रखना भी जरूरी है, ताकि पात्र होने पर राशि सीधे खाते में पहुंच सके।
पीएम-किसान योजना को जारी रखने का फैसला केंद्र सरकार की किसान-केंद्रित योजनाओं में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का जोर डिजिटल माध्यम से पात्र किसानों तक आर्थिक सहायता सीधे पहुंचाने और योजना में पारदर्शिता बनाए रखने पर है।
वेबसाइट नोट: पीएम-किसान से जुड़ी पात्रता, पंजीकरण और भुगतान की स्थिति की जानकारी किसानों को केवल आधिकारिक सरकारी माध्यमों से ही जांचनी चाहिए।
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