Breaking News
news-details
उत्तराखंड
भारत
लिक्खाड़

देहरादून में विवादित बिल्डर पर सख्त कार्रवाई: गुंडा एक्ट के तहत नोटिस

देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में एक विवादित बिल्डर के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए बिल्डर पुनीत अग्रवाल को गुंडा एक्ट के तहत नोटिस जारी किया है। उन्हें 7 दिन के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में जवाब न देने पर जिला बदर की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

इससे पहले भी बिल्डर पर गंभीर आरोप लग चुके हैं। दीपावली के दौरान नाबालिग बच्चों के सामने पिस्टल लहराने और लाइसेंसी शस्त्र के दुरुपयोग के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उनका शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर हथियार जब्त कर लिया था।

बिल्डर के खिलाफ मारपीट, उत्पीड़न, पिस्टल तानने, बच्चों से अभद्रता, वाहन से टक्कर मारने का प्रयास, धमकाने और अपशब्दों के प्रयोग जैसे मामलों में कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा आरडब्ल्यूए सदस्यों को झूठे मुकदमों में फंसाने और एक विधवा महिला की भूमि पर कथित फर्जी रजिस्ट्री के जरिए कब्जा करने के आरोप भी सामने आए हैं।

इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं—115(2), 351(2), 352, 74, 126(2), 324(4) और 447—के तहत कार्रवाई की गई है।

ताजा मामले में आरोप है कि नगर निगम/एमडीडीए की भूमि पर कथित अवैध निर्माण का विरोध करने पर बिल्डर ने डीआरडीओ में तैनात वैज्ञानिक अनिरुद्ध शर्मा के साथ मारपीट की। बताया गया कि निर्माण का मलबा उनके घर की ओर गिर रहा था। विरोध करने पर विवाद बढ़ा और कथित तौर पर मारपीट की गई, जिसमें वैज्ञानिक घायल हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, बिल्डर के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें की गई थीं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। अब जिला प्रशासन के स्वतः संज्ञान लेने के बाद सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में तुरंत और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

0 Comments

Leave Comments