नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है। सरकार ने योजना के पुनर्गठित चरण के तहत ऋण, डिजिटल लेनदेन, सामाजिक सुरक्षा और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया है।
पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत 1 जून 2020 को शहरी स्ट्रीट वेंडर्स को बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। अगस्त 2025 में योजना को पुनर्गठित करते हुए ऋण देने की अवधि को 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दिया गया है। योजना का लक्ष्य 50 लाख नए लाभार्थियों सहित कुल 1.15 करोड़ स्ट्रीट वेंडर्स को लाभ पहुंचाना है।
केंद्र सरकार के अनुसार, पुनर्गठित योजना के पहले वर्ष में 10.56 लाख नए लाभार्थियों को 21.86 लाख ऋण वितरित किए गए। इन ऋणों की कुल राशि 6,294 करोड़ रुपये रही।
योजना के तहत अब पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को 30,000 रुपये तक की क्रेडिट सीमा वाला यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे छोटे कारोबारियों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।
सरकार के मुताबिक पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत से अब तक 78.68 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को 1.18 करोड़ से अधिक ऋण दिए जा चुके हैं। इन ऋणों की कुल राशि 19,171 करोड़ रुपये से अधिक है।
समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए ब्याज सब्सिडी के रूप में 421 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल भुगतान से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। अब तक 57.09 लाख वेंडर्स ने 908 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन किए हैं।
डिजिटल अपनाने को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक प्रोत्साहन के तहत अब तक 418.78 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
स्ट्रीट वेंडर्स तक सरकारी योजनाओं और वित्तीय सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए लोक कल्याण मेलों का आयोजन किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इन मेलों का अगला चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
इन मेलों के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर्स, बैंकों और शहरी स्थानीय निकायों को एक मंच पर लाकर ऋण, कल्याणकारी योजनाओं और क्षमता निर्माण से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
पीएम स्वनिधि योजना को अब केवल ऋण उपलब्ध कराने वाली योजना तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके तहत सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, उद्यमिता और बेहतर वेंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार देशभर में 50 स्ट्रीट फूड हब विकसित करने की भी योजना पर काम कर रही है। प्रत्येक शहर को इसके लिए 4 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है।
पीएम स्वनिधि योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना और छोटे उद्यमियों के रूप में आगे बढ़ने का अवसर देना है।
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