नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के तहत केंद्र सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सरकार के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और PMAY-U 2.0 के अंतर्गत 1.25 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि इनमें से 1 करोड़ से अधिक मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है।
सरकार अब प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के क्रियान्वयन में तेजी ला रही है, ताकि पात्र शहरी परिवारों को किफायती और पक्का मकान उपलब्ध कराया जा सके।
केंद्र सरकार ने हाल ही में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 2.09 लाख से अधिक नए मकानों को मंजूरी दी है।
इनमें करीब 1.42 लाख मकान लाभार्थियों को अपनी जमीन पर पक्का घर बनाने के लिए मंजूर किए गए हैं। इस श्रेणी में पात्र लाभार्थियों को घर बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार के अनुसार PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत 1.25 करोड़ मकानों में से 1 करोड़ मकान महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में हैं।
इसका उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा बढ़ाने के साथ उन्हें संपत्ति में अधिकार और परिवार के फैसलों में अधिक भागीदारी देना है।
PMAY-U 2.0 का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के पात्र EWS, LIG और MIG परिवारों की आवास संबंधी जरूरतों को पूरा करना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को अपनी जमीन पर घर बनाने, किफायती आवास परियोजनाओं में घर पाने, होम लोन पर ब्याज सब्सिडी और किफायती किराये के आवास जैसी सुविधाओं के माध्यम से सहायता दी जाती है।
केंद्र सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल मकान उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि शहरी गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देना भी है।
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को योजना के तहत स्वीकृत मकानों का समय पर निर्माण पूरा करने, लाभार्थियों का सत्यापन करने और धनराशि के प्रभावी इस्तेमाल पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
नोट: योजना के लिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और राज्यवार नियम अलग-अलग हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले केंद्र सरकार की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।
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