Breaking News
news-details
उत्तराखंड
भारत
लिक्खाड़

दिनदहाड़े महिला की जान लेने के बाद मारा गया गुलदार

पौड़ी। वन मंत्री सुबोध उनियाल टिहरी जिले के नरेन्द्रनगर नगर पालिका चुनाव में उलझे हुए थे। और दूसरी तरफ, पौड़ी जिले में गुलदार के हमले में मारी गयी महिला के मसले पर ग्रामीण खरी खोटी सुना रहे थे। मंगलवार,9 जून को  आक्रामक हो चुके गुलदार को मार भी गिराया गया।

पौड़ी गढ़वाल के कोट क्षेत्र के वाडियूं गांव में घास काटने गई 55 वर्षीय महिला को एक आदमखोर गुलदार ने दिनदहाड़े अपना शिकार बना लिया। घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। महिला की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने वन विभाग के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई।

घटनास्थल पर बैठी ग्रामीण महिलाओं ने प्रशासन की मौजूदगी में सिस्टम को खूब खरी खोटी सुनाई।


इस खंडहर में महिला को ले गया था गुलदार

देर शाम वन विभाग की टीम और शूटर जॉय हुकिल ने संयुक्त अभियान चलाकर आदमखोर गुलदार को मार गिराया, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार वाडियूं गांव निवासी प्रभा देवी पत्नी मातबर सिंह मंगलवार को अपने घर के नजदीक खेतों में मवेशियों के लिए घास काटने गई थीं। दोपहर के समय अचानक एक गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। हमला इतना तेज और अप्रत्याशित था कि प्रभा देवी को बचाव का कोई मौका नहीं मिल पाया। गुलदार उन्हें जबड़ों में दबोचकर खेतों से करीब 400 मीटर दूर पहाड़ी पर स्थित एक सुनसान खंडहर की ओर ले गया।


काफी देर तक घर नहीं लौटने पर पति मातबर सिंह उन्हें खोजने खेतों की ओर पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें खून के धब्बे और फटे हुए कपड़े दिखाई दिए। आशंका होने पर उन्होंने ग्रामीणों को सूचना दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और महिला की तलाश शुरू कर दी।


ग्रामीण खून के निशानों का पीछा करते हुए गांव के ऊपरी हिस्से में स्थित एक पुराने खंडहर तक पहुंचे। वहां का दृश्य बेहद भयावह था। गुलदार महिला के शव को नोच रहा था। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया और पत्थर फेंके, जिसके बाद गुलदार जंगल की ओर भाग गया। हालांकि तब तक प्रभा देवी की मौत हो चुकी थी।

 

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार का आतंक बना हुआ है, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और आदमखोर गुलदार को तत्काल मारने की मांग की।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया। शूटर जॉय हुकिल को मौके पर बुलाया गया और खंडहर तथा आसपास के जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।


वन विभाग को आशंका थी कि गुलदार अपने शिकार के आसपास ही छिपा हुआ है।
सर्च अभियान के दौरान अचानक गुलदार सामने आ गया और वन विभाग की टीम की ओर झपट पड़ा।
टीम की सुरक्षा को खतरा देखते हुए शूटर जॉय हुकिल ने तत्काल फायर किया।


गोली लगते ही गुलदार मौके पर ढेर हो गया। वन विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी।


शूटर जॉय हुकिल ने बताया कि गुलदार असामान्य रूप से आक्रामक व्यवहार कर रहा था। उसने वन कर्मियों पर हमला करने की कोशिश की, जिसके चलते आत्मरक्षा और जनसुरक्षा के लिए उसे मार गिराना आवश्यक हो गया। यह हुकिल का 50 वां शिकार बताया जा रहा है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।


ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के इलाकों में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियां बढ़ी हुई थीं। कुछ दिन पहले एक मादा गुलदार को दो शावकों के साथ भी देखा गया था। लोगों ने वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाने की मांग की है।

0 Comments

Leave Comments