देहरादून: डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ समारोह के दौरान एक कलाकार द्वारा कथित अभद्र भाषा और आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि खुले मंच से गाली-गलौज और हिंसा जैसी बातों का उल्लेख करना अत्यंत निंदनीय है और इससे देवभूमि की सांस्कृतिक गरिमा को ठेस पहुंची है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे कलाकार को कार्यक्रम में आमंत्रित करना पूरी तरह अनुचित है और यह सार्वजनिक धन के दुरुपयोग जैसा प्रतीत होता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षण संस्थानों के मंच इस प्रकार की फूहड़ता के लिए नहीं होने चाहिए। कॉलेजों को चाहिए कि वे ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्रों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दें और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बीच प्रतियोगिताएं आयोजित करें।
तीरथ सिंह रावत ने स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने की बात भी कही। उनके अनुसार, इससे छात्रों में अपनी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों के प्रति सम्मान और जुड़ाव मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि छात्रसंघ समारोह पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इस प्रकार की अभद्रता पहले कभी देखने को नहीं मिली। उन्होंने इस घटना को प्रदेशवासियों के लिए निंदनीय बताते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने पर जोर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों और कलाकारों की सार्वजनिक रूप से निंदा की जानी चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और शैक्षणिक वातावरण की गरिमा बनी रहे
0 Comments