देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए दोनों मंडलायुक्तों को आगामी 15 दिनों तक आवंटित जनपदों में कैंप कर फील्ड स्तर पर निगरानी के निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि दावे एवं आपत्तियों के चरण में मतदाता सूची में शामिल किए जाने और नाम हटाए जाने से संबंधित आवेदनों का गहन सत्यापन किया जाए। इसके लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को सुपर चैकिंग एवं फील्ड विजिट अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
डॉ. पुरुषोत्तम ने निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के दौरान आयुक्त कुमाऊं नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में, जबकि आयुक्त गढ़वाल देहरादून और हरिद्वार में कैंप करेंगे।
दोनों मंडलायुक्त आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ऐसे बूथों का विशेष रूप से फील्ड विजिट के माध्यम से सत्यापन करेंगे, जहां मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इसके साथ ही जिलाधिकारी भी बूथों का रेंडम फील्ड विजिट यानी औचक निरीक्षण कर सुपर चैकिंग करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन बूथों पर फॉर्म-6 के आवेदन 4 प्रतिशत से अधिक और फॉर्म-7 के आवेदन 2 प्रतिशत से अधिक हैं, वहां ईआरओ को प्राप्त फॉर्म्स का क्रॉस वेरिफिकेशन करना होगा।
समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों के डीईओ को फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के तहत प्राप्त आवेदनों की नियमानुसार जांच कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दावे और आपत्तियों के निस्तारण में निर्धारित समयसीमा का पूरी तरह पालन किया जाए। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाए।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
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