देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग और भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने देहरादून में कैंडल मार्च निकाला। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित मार्च में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
18 अक्टूबर को आयोजित यह कैंडल मार्च कांग्रेस भवन से शुरू हुआ। मार्च घंटाघर पहुंचा और इसके बाद वापस कांग्रेस भवन तक आया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द करने की मांग उठाई।
कैंडल मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन में भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना पूरे उत्तराखंड की जिम्मेदारी है। पार्टी ने मामले में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों का जवाब सामने लाने और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने की मांग दोहराई।
भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक विरोध तेज हुआ है। कांग्रेस इस नियुक्ति को अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों के संदर्भ में उठा रही है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने और उठाए जा रहे सवालों का संतोषजनक जवाब मिलने तक इस नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि अंकिता को न्याय दिलाने का मुद्दा प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उठाया जाएगा।
हालांकि, दुष्यंत गौतम के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मामले से संबंधित किसी भी निष्कर्ष का आधार जांच और उपलब्ध प्रमाण ही होने चाहिए।
कैंडल मार्च में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इनके अलावा उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, पार्टी के पदाधिकारी, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उसका संघर्ष जारी रहेगा। पार्टी ने इस मुद्दे को महिलाओं की सुरक्षा, न्याय और उत्तराखंड की जनभावनाओं से जुड़ा विषय बताया।
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