नई दिल्ली। किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने और मौजूदा कृषि पंपों का सौरीकरण करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
केंद्र सरकार के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक PM-KUSUM योजना से 21.77 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं। योजना के तहत देशभर में सोलर कृषि पंप और सौर ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं।
वहीं PM-KUSUM के राष्ट्रीय पोर्टल के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक 7,56,244 स्टैंड-अलोन सोलर पंप स्थापित किए जा चुके थे।
योजना के तहत स्टैंड-अलोन सोलर कृषि पंप लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से सामान्य क्षेत्रों में 30 प्रतिशत तक केंद्रीय वित्तीय सहायता उपलब्ध है। राज्य सरकार को कम से कम 30 प्रतिशत सब्सिडी देनी होती है, जबकि शेष राशि किसान के हिस्से में आती है। बैंक ऋण की सुविधा मिलने पर किसान को शुरुआती तौर पर कम राशि का भुगतान करना पड़ सकता है।
उत्तराखंड समेत कुछ विशेष श्रेणी के राज्यों में केंद्र की सहायता 50 प्रतिशत तक हो सकती है।
PM-KUSUM के तहत ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सौरीकरण भी किया जाता है। किसान सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने के बाद बची बिजली को संबंधित DISCOM को बेच सकते हैं, जिससे अतिरिक्त आय का अवसर मिलता है।
योजना का उद्देश्य खेती में डीजल पर निर्भरता कम करना, सिंचाई के लिए ऊर्जा सुरक्षा उपलब्ध कराना और किसानों की आय बढ़ाने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
नोट: योजना के लिए आवेदन और लाभार्थी चयन संबंधित राज्य की कार्यान्वयन एजेंसी के माध्यम से होता है।
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