अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से एक बेहद दुखद और गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आई है। जिले की तहसील भनोली में कार्यरत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद नाथ गोस्वामी के वीर पुत्र और भारतीय सेना की 5 असम रेजिमेंट में तैनात लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकवादियों के खिलाफ चल रहे एक विशेष अभियान के दौरान शहीद हो गए हैं। वीर सैन्य अफसर की उम्र मात्र 25 वर्ष 08 माह थी।
मिली जानकारी के अनुसार, राजौरी के दुर्गम पहाड़ी इलाके में भारतीय सेना का बड़ा सर्च ऑपरेशन चल रहा था, जिसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी कर रहे थे। अत्यधिक कठिन परिस्थितियों और दुर्गम पहाड़ी रास्ते में देश सेवा के कर्तव्य का निर्वहन करते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। अत्यंत भावुक करने वाली बात यह है कि आज सोमवार (8 जून) को ही उनका प्रमोशन होना था और वह कैप्टन बनने वाले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
विशेष विमान से लाया जाएगा पार्थिव शरीर
शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का पार्थिव शरीर पूरे सैन्य सम्मान के साथ जम्मू से पंतनगर तक सेना के विशेष एयरक्राफ्ट द्वारा लाया जा रहा है। इसके बाद पंतनगर से उनके गृह जनपद अल्मोड़ा तक पार्थिव शरीर को सेना के विशेष हेलीकॉप्टर की मदद से पहुंचाया जाएगा। पांडेखोला स्थित उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शनों के बाद पूरे राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इलाके में शोक की लहर, विभिन्न वर्गों ने जताया दुख
होनहार सैन्य अधिकारी के असमय निधन और शहादत की खबर सुनते ही पूरे अल्मोड़ा जिले सहित उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर से जुड़े विभिन्न वर्गों के लोगों ने वीर सपूत की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के छात्र रहे बीरेश्वर ने हमेशा से देश सेवा को सर्वोपरि रखा था।
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