देहरादून: राजधानी देहरादून के भविष्य के विकास की रूपरेखा तय करने वाली देहरादून महायोजना-2041 को अंतिम स्वरूप देने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का जनसंवाद अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। अभियान के चौथे दिन नगर निगम परिसर में आयोजित जनसुनवाई शिविर में सेक्टर-04 के नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न हितधारकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।
जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने भू-उपयोग, सड़क नेटवर्क, यातायात प्रबंधन, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं, आवासीय एवं व्यावसायिक विकास सहित क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने सुझाव रखे। एमडीडीए अधिकारियों ने सभी सुझावों और आपत्तियों को विस्तार से सुनते हुए उनका विधिवत अभिलेखीकरण किया।
शिविर में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल समेत प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एमडीडीए अधिकारियों ने कहा कि महायोजना-2041 केवल भूमि उपयोग की योजना नहीं है, बल्कि अगले डेढ़ दशक में देहरादून के शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं और सुनियोजित विस्तार की व्यापक रूपरेखा है। इसलिए योजना निर्माण में आम नागरिकों की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
प्राधिकरण का कहना है कि शहर के प्रत्येक क्षेत्र की अपनी अलग चुनौतियां और आवश्यकताएं हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्राप्त सुझाव महायोजना को अधिक व्यावहारिक, संतुलित और भविष्य उन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जनसुनवाई में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उन्हें महायोजना में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
एमडीडीए द्वारा 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक देहरादून के सभी 12 सेक्टरों में जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। नागरिक निर्धारित स्थलों पर पहुंचकर अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज करा सकते हैं। प्राधिकरण का उद्देश्य विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक समावेशी महायोजना तैयार करना है।
जनसंवाद अभियान के अगले चरण में शुक्रवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में सेक्टर-05 के नागरिकों के लिए जनसुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। एमडीडीए ने स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों और सभी संबंधित पक्षों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने सुझाव देने की अपील की है।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि जनसंवाद अभियान का उद्देश्य नागरिकों को शहर के विकास की निर्णय प्रक्रिया से सीधे जोड़ना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझाव महायोजना-2041 को अधिक समावेशी, व्यावहारिक और जनहितकारी बनाएंगे। प्राधिकरण का लक्ष्य विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन स्थापित करते हुए देहरादून के लिए टिकाऊ एवं दूरदर्शी विकास मॉडल तैयार करना है।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है। प्राप्त प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार कर विशेषज्ञों के माध्यम से उसका तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में जनसुनवाई शिविरों में भाग लेकर देहरादून के सुनियोजित एवं सतत विकास में सहयोग देने की अपील की।
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