नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश की सांख्यिकीय व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विकसित भारत पहल के तहत VISTAR (विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च) योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना पर वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 4,371.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य देश में सरकारी आंकड़ों के संग्रह, विश्लेषण और उपयोग की व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके और उनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में मदद मिले।
VISTAR योजना को तीन प्रमुख घटकों में लागू किया जाएगा।
इस योजना के तहत आंकड़ों के संग्रह और विश्लेषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य सरकारी आंकड़ों को अधिक सटीक, पारदर्शी और समय पर उपलब्ध कराना है। इसके अलावा मोबाइल फोन, स्कैनर और ई-कॉमर्स से मिलने वाले आंकड़ों का भी उपयोग किया जाएगा।
VISTAR योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और शैक्षणिक संस्थानों के शोध प्रस्तावों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे युवाओं और शोधकर्ताओं को सांख्यिकी एवं डेटा विश्लेषण के क्षेत्र में काम करने के अवसर मिल सकते हैं।
सरकार के अनुसार, इस योजना से केंद्र और राज्य सरकारों को जिला स्तर तक बेहतर आंकड़े उपलब्ध होंगे। इससे रोजगार, आर्थिक गतिविधियों, असंगठित क्षेत्र और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी।
हालांकि, यह योजना सीधे आम नागरिकों को नकद सहायता या सब्सिडी देने वाली योजना नहीं है, बल्कि सरकारी आंकड़ों और नीति निर्माण की व्यवस्था को मजबूत करने की पहल है।
केंद्र सरकार का मानना है कि बेहतर आंकड़ों के आधार पर योजनाओं का अधिक प्रभावी तरीके से निर्माण और क्रियान्वयन किया जा सकेगा।
स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार।
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