देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने पेंशन अपडेट कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में इस संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो खुद को बैंक अधिकारी बताकर रिटायर्ड लोगों को निशाना बना रहा था।
मामले के अनुसार, देहरादून निवासी एक रिटायर्ड बैंक कर्मी को साइबर अपराधियों ने कॉल कर खुद को भारतीय स्टेट बैंक का अधिकारी बताया। आरोपियों ने पेंशन अपडेट कराने का झांसा देकर पीड़ित से HRMS विवरण और YONO (SBI) खाते की संवेदनशील जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद दो अलग-अलग चरणों में 10 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर लिए गए।
पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना देहरादून में धारा 420, 120बी भादवि और 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पश्चिम बंगाल से आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी जीतेन प्रतापति ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया। ठगी की रकम में से 5 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर किए गए थे। एसटीएफ टीम ने उसे पश्चिम बंगाल के बारानगर, उत्तर 24 परगना से गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पहले भी एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
एसटीएफ की अपील
एसटीएफ ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साथ ही फर्जी निवेश योजनाओं से दूर रहें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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